सफलता पाने के लिए कोनसे गुण होने चाहिए? | TOP 10 life success tips in hindi

इस दुनिया में हर कोई व्यक्ति कामयाब या सफल ज़रूर होना चाहता है। लेकिन हमें अपने जीवन में सफल होने के लिए कई बार असफलताओ का सामना करना पड़ता है। हमें अपने जीवन में इन असफलताओ से सीखना चाहिए।
success tips in hindi

अपने जीवन में सफलता पाने के लिए ये 10 आवशयक गुण याद रखे (TOP 10 life success tips in hindi):-


1. इच्छा (Desire)

सफल होने या सफलता पाने की प्रेरणा किसी लक्ष्य को पाने की गहरी इच्छा से जन्म लेती है। गहरी इच्छा किसी भी लक्ष्य को पाने का सबसे पहला कदम होता है। जिस तरह आग की छोटी छोटी लपटे ज्यादा गर्मी नहीं दे सकती, उसी तरह कमजोर और छोटी इच्छा बड़े परिणाम नहीं दे सकती है।

इंसान का दिमाग जिन चीज़ों के बारे में सोच सकता है, या जिन चीजों पर यकिन कर सकता है। उसे हासिल भी कर सकता हैं।



2. वचनबद्धता (Commitment)

वचनबद्धता की नीव हमारी ईमानदारी और समझदारी पर टिकी हुई हैं। सफलता हमारे विचारों और निर्णयों से मिलती है। हमारे जीवन में कैसे विचार प्रभावित करते है, इसका निर्णय हमें ही करना होगा।

सफलता पाने वाले वचनबद्ध होते है। और खुद को परिस्थिति के अनुसार ढालने में सफल रहते हैं। क्योंकि उनमें सफलता पाने की प्रेरणा होती है।

हमे कई बार हम जो चाहते है उसके अनुसार परिस्थितियां नही मिलती है। और वैसी परिस्थितियां कभी बनती भी नही है।

हमें हमेशा अपने लक्ष्य पर काम करते रहना चाहिए। कभी परिस्थितियां हमारे अनुकूल होगी या कभी अनुकूल नहीं होगी पर हमे हमेशा मेहनत करते रहना चाहिए।

सफलता पाने की प्रबल इच्छा प्रोत्साहन और प्रेरणा देती है। जिससे हमारी कार्यक्षमता और सफल होने की शुरुआत होती हैं। दबाव पड़ने पर किसी भी व्यक्ति का आत्मविश्वास और मजबूत हो जाता है। व्यक्ति की सोच अच्छी होनी चाहिए ताकि वह उन चीजों पर विश्वास कर सके, जो उसे चाहिए।



3. ज़िम्मेदारी (Responsibility)

सफल लोग अपनी जिम्मेदारियों को कबूल करते है। सफल लोग सही फैसला लेते है। ओर अपनी तक़दीर खुद बनाते हैं। अगर आप भी सफल होना चाहते हो तो अपनी जिम्मेदारियों को कबूल करें, ओर अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बने।

कई लोग जिंदगी में कुछ करने की बजाय इंतजार करते रहते है की कुछ होगा। हमें जीवन में सही फैसला लेने से पहले किसी भी काम के अच्छे बुरे पहलुओं को जान लेना चाहिए।

ज़िम्मेदार लोग अपनी गलतियों को मानते है, तथा उन गलतियों से सीख लेते है। लेकिन कई लोग अपनी गलतियों से सीख नहीं लेते है, और उस गलती का दोष एक दूसरे के ऊपर डालते रहते है।



4. कड़ी मेहनत (Hard work)

सफलता अचानक मिलने वाली चीज नहीं है। इसके लिए हमे काफी तैयारी और मेहनत की जरूरत होती है। कई लोग सफलता पाना चाहते है लेकिन उस सफलता के लिए मेहनत नहीं करना चाहते हैं, या समय नहीं देना चाहते है।

सफलता पाने के लिए आत्मअनुशासन ओर त्याग की जरूरत होती है। सफल लोग किसी काम को बड़ी आसानी से इसलिए कर लेते है की वे अपने काम के प्रति कड़ी मेहनत करते हैं, तथा उस काम की बुनियादी बातों को सिख कर उस काम में महारत हासिल कर देते हैं।

हम अपने दैनिक जीवन में कई सारी चीजों का उपयोग करते है। वह चीज किसी ना किसी की कड़ी मेहनत का नतीजा होती है। कुछ काम दिखाई देते हैं और कुछ काम नही दिखाई देते हैं, लेकिन दोनो ही काम महत्त्वपूर्ण होते है। इसलिए अपने काम पर गर्व महसूस करे और दुसरो को कड़ी मेहनत की सराहना करें।



5. चरित्र (Character)

किसी भी व्यक्ति का चरित्र उसके नैतिक मुल्य, विश्वास, तथा व्यक्तित्व से मिलकर बनता है। किसी भी व्यक्ति का चरित्र उसके व्यवहार तथा काम में दिखाई देता हैं। किसी भी व्यक्ति का चरित्र उसके लिए दुनिया की सबसे कीमती चीज है। सफ़लता के लिए चरित्र बहुत जरूरी है।

किसी भी व्यक्ति का चरित्र निष्ठा, निस्वार्थ भावना, साहस, आत्मविश्वास, समझ, वफादारी, तथा दूसरी की इज्ज़त करने से बनता है।

सफलता पाने से ज्यादा उसे संभालना मुश्किल होता है। इसलिए योग्यता और चरित्र एक दूसरे के साथी होते है। हमे योग्यता की वजह से सफलता मिलती है, ओर हमारा चरित्र सफलता को संभालता है।

हमारे चरित्र का निर्माण बचपन से शुरू होता है और मृत्यु तक हमारे साथ रहता है। हमे अपनी कमियों को दूर करके अपने चरित्र का निर्माण और विकास करते रहना चाहिए।



6. सकारात्मक सोच (Positive thinking)

हम अपने विचारों की आवाज किस तरह सुनते है? वे आवाज सकारात्मक या नकारात्मक हो सकती है। हमारे सोचने का तरीका हमारी काम करने की क्षमता पर असर करती है।

हमे सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए तथा सकारात्मक सोच से प्रेरित होना चाहिए। सकारात्मक सोच के साथ जीना आसान नहीं होता है, परन्तु नकारात्मक सोच के साथ भी जीना उतना आसान नहीं होता हैं।

सकारात्मक सोच हमे हमारी क्षमता का भरपूर इस्तेमाल करने में मदद करती हैं। हमे हमारी सकारात्मक सोच अच्छा परिणाम दे सकती हैं। तथा सकारात्मक सोच से हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है।



7. जितना पाते हैं, उससे अधिक दे

आजकल सफलता पाना आसान है। अगर हम जीवन में आगे बढ़ना चाहते है तो हमे थोड़ा ज्यादा दौड़ना होगा। इस थोड़ी सी बढ़त से हमारे लिए कोई प्रतिस्पर्धा नही बढ़ जाएगी।

क्या हमे जितना मिलता है, हम उससे ज्यादा देने की तैयार रहते हैं? क्या आप ऐसे लोगों को जानते हो, जो थोड़ा ज्यादा काम करना पसंद करते है? ऐसे लोग बहुत कम होते है।

ज्यादा काम करने वाले अपने आप को महत्त्वपूर्ण बना लेते है। चाहे वे किसी भी क्षेत्र में काम करते हो या किसी भी जगह करते हो। जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है, और दूसरे लोग उन्हे लीडर मानने लगते हैं। उस पर भरोसा करते है। उनकी इज्ज़त करते है। तथा इस तरह काम करने वालो को गर्व महसूस होता हैं।

सफल व्यक्ति से जितनी उम्मीद की जाती है, वे उससे ज्यादा ही करते है। सफलता पाने वाला व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी ही नही निभाता है, बल्कि उससे ज्यादा करके दिखाता है। सफलता पाने वाला व्यक्ति अपना 100 प्रतिशत देकर, उससे थोड़ी और ज्यादा क्षमता दिखाता है।



8. दृढ़ता की शक्ति (Power of perseverance)

अपनी सबसे बेहतर सफलता पाने की यात्रा इतनी आसन नहीं है। इसमें कई सारी रुकावटें भरी पड़ी है। सफ़लता पाने के लिए राह पर आने वाली रुकावटों को दूर कर, पहले से ज्यादा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।

दृढ़ता की शक्ति एक फैसला है। यह फैसला करके व्यक्ति अपना कोई काम पूरा करने का वचन देता है। किसी काम में सफलता नहीं मिलने पर हम कोशिश करना बंद कर देते है, लेकिन सफलता पाने के लिए हमे धैर्य और सहनशक्ति रखनी होगी।

किसी सफल व्यक्ति से पुछिए वो आपको बताएगा कि उसने अपने शुरू किए काम को पूरा करने के लिए उसने कितनी तकलीफ़ सही है। दूसरी तरफ असफल लोगो की शुरुआत तो अच्छी होती है पर अपने शुरू किए गए काम को पूरा नहीं कर पाते है।

दृढ़ता की शक्ति के लिए लक्ष्य का होना बहुत जरूरी है। जिस आदमी के पास कोई लक्ष्य नहीं होता है, उसमे दृढ़ता कभी नही आ सकती है। और ना ही उसे कभी आत्मसंतुष्टि महसूस होती है।



9. अपने काम पर गर्व महसूस करे (Pride of performance)

आजकल इस दुनिया में लोग अपने काम पर गर्व करने की भावना को अलग कर दिया है, क्योंकि इसके लिए कोशिश ओर कड़ी मेहनत की जरूरत होती हैं।

किसी भी काम को पूरा तब ही किया जा सकता है, जब उसके लिए कड़ी मेहनत और कोशिश की जाए। हमे सफलता पाने के लिए गलत रास्ते नहीं अपनाने चाहिए।

अपने काम को लेकर गर्व करने का अर्थ ये नही है की हम अहंकारी है। काम और काम करने की गुणवत्ता को एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता है। किसी काम को अच्छी तरह करने का अहसास खुद में एक अलग इनाम है। खराब तरीके से कई काम करने से अच्छा है, अच्छे तरीके से एक ही काम किया जाए।



10. शिष्य बनने की इच्छा रखे

भगवान और गुरु जब सामने खड़े हो तो शिष्य सबसे पहले किसे प्रणाम करेगा? भारतीय परम्परा के अनुसार शिष्य पहले गुरु को प्रणाम करेगा। क्योंकि गुरु के मार्गदर्शन और सहायता के बिना शिष्य भगवान को प्राप्त नहीं कर सकता है।

गुरु ऐसा व्यक्ति होता है, जिसके बीते कल का तजुर्बा शिष्य के आने वाले कल के लिए काम आ सकता है। एक अच्छा गुरु हमे सही रास्ता और दिशा दिखाएगा। इसलिए हमे अपने गुरु का आदर करना चाहिए।

अच्छा गुरु हमे हमारी राह पर आगे बढ़ने के लिए हौसला देता है और राह में आने वाली मुश्किलों को हटाने का काम करते है।

एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने