अमिताभ बच्चन का प्रेरणादायक भाषण | Amitabh Bachchan motivational speech in hindi

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Amitabh Bachchan Motivational Speech in Hindi

मेरे टीचर्स और बड़ों से जो मैंने सीखा उसने मेरे दिल और दिमाग पर गहरा असर छोड़ा। उनकी दी सीख मुझे आज आपके सामने खड़े होने योग्य बना रही है उसके लिए उन सबको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। इसलिए वहां बैठे सभी गुरुजनों, टीचर्स को मैं प्रणाम करता हूं।

मैं कोई ज्ञानी नहीं हूं, पर ज्ञान का प्रेमी जरूर हूं। मैं कोई साइंटिस्ट नहीं हूं, पर लाइफ में एक्सपेरीमेंट जरूर करता हूं और उससे सीखता भी हूं। मेरे विचार एप्रेहेन्शन से नहीं ऑब्जर्वेशन से बनते हैं। शिक्षा का महत्व मैंने बचपन से ही देखा है। मेरे माता-पिता का मानना था कि ज्ञान वह इन्वेस्टमेंट है जिसका डिविडेंट यानी मुनाफा जीवन के अंत तक मिलता रहता है।

बड़े-बड़े गुणी जनों, साहित्यकारों का हमारे घर आना-जाना हुआ करता था। उन्हीं के बीच बैठकर उन्हीं से बहुत कुछ सीखने का मुझे सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। मैं ऐसा मानता हूं कि एक सामान्य जिंदगी जीने के लिए रोटी, कपड़ा और मकान के अलावा अगर किसी चीज की सबसे ज्यादा जरूरत होती है तो वह है शिक्षा। आपके पास यदि धन है तो आप उसे गोल्ड में कंवर्ट कर सकते हैं। धन हो या सोना दोनों के कम होने का या खो जाने का डर हो सकता है और यह धन हम ज्ञान में बदल देते हैं तो कभी कम नहीं होगा और ना ही उसकी चोरी हो सकती है।

पैसा तो कोई भी छुपा सकता है लेकिन शिक्षा को कोई आपसे नहीं चुरा सकता है। इसलिए मैं समझता हूं कि शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए महिलाओं और बेटियों को शिक्षित करना बहुत ही आवश्यक है। इस अभियान में मैं अपना योगदान देता रहता हूं।

देखिए जीवन में मुझे बहुत-सी बातों ने प्रभावित किया है। मेरे ये अनुभव सुनने में शायद साधारण लगे, लेकिन इनमें छिपा सारा असाधारण है, अनमोल है। यदि मैं आपसे पूर्वी कि सबसे शक्तिशाली व्यक्ति कौन है? तो कोई कहेगा कि जिसके पास पावर है, शस्त्र है, धन है, किसी देश का राजा या किसी सल्तनत का वारिस है, लेकिन मेरा ऐसा मानना है कि शस्त्र, धन, किसी को शक्तिशाली नहीं बनाते, अगर बनाते भी है, तो कुछ समय के लिए ही बनाते हैं।

दौलत आज होगी कल नहीं, शस्त्र का ज्ञान तभी तक काम आएगा जब तब वो शस्त्र चल सकता है। लेकिन शास्त्र का ज्ञान कभी नहीं रुकता। शास्त्र का ज्ञान, शस्त्र ज्ञान से ज्यादा असरदार, प्रभावशाली और शक्तिशाली होता है। अब देखिए राजा ने कितने राज्यों पर विजय प्राप्त की, कौन-कौन से शस्त्रों का इस्तेमाल किया, कितने सैनिक थे ये शायद आपको याद न हो। लेकिन जीरो की खोज किसने की, राष्ट्रगान किसने लिखा, ये आपको जरूर याद होगा।

इतिहास गवाह है कि एक राजा अपनी शक्ति के बल पर वहीं तक पूजा जाता है जहां तक उसका साम्राज्य फैला होता है, वो केवल अपनी प्रजा का प्रिय होता है। लेकिन अपने ज्ञान की कीर्ति फैलाने वाले अलबर्ट आइंस्टाइन, विलियम शेक्सपियर, रबीन्द्र नाथ टैगोर सिर्फ अपनी जन्मभूमि में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में पूजे जाते हैं, सम्पूर्ण मानवजाति के लिए प्रेरणास्त्रोत बनते हैं।

इसलिए आप सबसे मेरा आग्रह यही है कि सीखते रहिए। ज्ञान का धनी व्यक्ति हमेशा ही सम्मान और आदर योग्य होता है क्योंकि ज्ञान वह कवच है जो आपके जीवन में आने वाली कठिनाइयों से आपकी रक्षा करेगा फिर किसी भी शस्त्र की आपको आवश्यकता नहीं होगी।

- अमिताभ बच्चन (12 जून, 2016 को 'रोबोमैट' एप लॉन्चिंग के दौरान)
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