5 सर्वश्रेष्ठ प्रेरणादायक किताबें हिंदी में | TOP 5 motivational books in hindi for students

किताबों को पढ़ना सिर्फ पढना ही नहीं होता हैं बल्कि अपने आप में एक बातचीत होती हैं। हर किताब कुछ कहती और अच्छी किताब सिर्फ कहती ही नहीं है, बल्कि हमें सुनती है तथा हमें जानने की कोशिश करती है और हमें बताती है कि हम क्या है और अपने विचारों से कहाँ पहुँच सकते हैं।


रीडिंग आपको उन लोगों के सोच और दिमाग़ को समझने में मदद करती है, जिन तक पहुंचना आसान नहीं है। रीडिंग करने से हमारी नॉलेज बढ़ती है, तथा हमारी सोचने समझने कि सीमा बढ़ती है। इसलिए दुनिया का हर टॉप लीडर रीडर जरूर होता है।
चाहे बिल गेट्स, एलोन मस्क, वारेन बफेट, एपीजे अब्दुल कलाम, भगत सिंह आदि। हर किसी की ज़िन्दगी में रीडिंग की एक महत्त्वपूर्ण भुमिका रही है। हमारी ज़िन्दगी में भी रीडिंग बहुत बड़ा योगदान दे सकती हैं। जिससे हमारी सोच सकारात्मक हों सकती हैं।

इसीलिए आज इस लेख में पांच ऐसी किताबें बताऐंगे जिसे पढ़कर आपकी ज़िन्दगी में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।

अब इन किताबों के बारे में जान लीजिए आप जिस किताब को सबसे ज्यादा पसंद करते है, आप उस किताब से शुरुआत कर सकते हैं।

कई बार लोगों कि रीडिंग करने कि आदत नहीं बन पाती हैं, और उनका रीडिंग या पढ़ने में मन नहीं लगता हैं। अगर आपको भी रीडिंग करने में समस्या आती हैं, तो आपके लिए इस लेख के अंत में एक टिप है, जिससे आप अपनी रीडिंग की आदत को विकसित कर सकते हो।

तो अब हम आपके साथ 5 ऐसी किताबें शेयर करने जा रहे है। जो आपको जीवन को एक नया सकारत्मक नज़रिया दे सकतीं हैं।


1. रिच डैड पुअर डैड (Rich Dad Poor Dad)

हिन्दी में भी इस किताब का टाइटल "रिच डैड पुअर डैड" है। इस किताब को "रॉबर्ट कियोसाकी" ने लिखा है। इन्होंने इस किताब के अंदर अपने दो पिता की बात कही है। एक पिता जो अमीर है और एक पिता जो गरीब है। गरीब पिता उनके अपने पिता हैं और जिनको वो अमीर पिता बोलते हैं वो उनके बेस्ट फ्रेंड के पिता हैं।

जों उनके पिता है जिनको गरीब पिता बोला गया है वो परंपरागत तरीके से काम करते गए और उनको ज़िन्दगी भर आर्थिक रूप से संघर्ष करना पड़ा था। जो अमीर पिता है उन्होंने परंपरागत तरीकों को बदला और हवाई के सबसे अमीर आदमी बने।

इस किताब को पढ़ने के बाद काफी सारी नई चीजें आपको जानने को मिलेगी। इनकम की तरफ़, फाइनैंस की तरफ, सफ़लता की तरफ। जरूरी नहीं है कि एजुकेशन सिस्टम के हिसाब से ही आपकी ज़िन्दगी में सफ़लता होगी पैसा होगा। आपका नजरिया बदलेगा कैसे आप अपने दिमाग़ कि मदद से ज्यादा कमा सकते हो या ज्यादा सफ़ल हो सकते हो।



2. द अलकेमिस्ट (Alchemist)

यह किताब पिछले 25 सालों से इंटरनैशनल बेस्टसेलर किताब है। इस किताब को पाओलो कोएलो ने लिखा है। वैसे तो यह एक फिक्शन बुक है। लेकिन लिखने का तरीका और कहानी इतनी शानदार है इतनी जोश से भरी हुई है कि किसी भी इंसान में जुनून आ जाये, किसी भी इंसान में एक एनर्जी आ जाए।

"द अलकेमिस्ट" एक भेड़ चराने वाले लड़के शैफर्ड की कहानी है, जो पूरी दुनिया घूमना चाहता पुरी दुनिया का खजाना हासिल करना चाहता है। बहुत ही उतार चढ़ाव के बाद जब वो उसको दुनिया का खजाना मिल जाता है, तो उसको पता चलता कि ये खजाना उसके पास पहले से था जो वो खुद था।

यह किताब हमें सिखाती है कि कैसे हम अपने डर को अपने से दूर कर सकते हैं। कैसे हम अपने दिल की आवाज सुन सकते हैं। इस किताब को हर उस इंसान को पढ़नी चाहिए, जिसको लगता है कि उसके सपने कभी पूरे नहीं होंगे, तथा जो इस दुनिया को एक अलग नजरिये से देखना चाहता है।



3. सोचिये और आमिर बनिये (Think and Grow Rich)

Think and grow rich book cover
अब चलते अगली किताब की और जिसका नाम है Think And Grow Rich नाम मतलब सोचो और अमीर बनो। दोस्तो सफलता के लिए या सक्सेस के लिए क्या जरूरी है सोचना। कुछ भी ऐसा वैसा सोचना नहीं, जो जरूरी है वो नहीं बल्कि जो सबसे ज्यादा जरूरी है उसके बारे में सोचना।

लेकिन हममें से ज्यादातर लोगों को ये भी नहीं पता कि वो क्या सोचते हैं? और कब क्या सोचते हैं?

इस किताब को लिखा है नेपोलियन हिल ने, तथा ये भी एक इंटरनैशनल बेस्टसेलर किताब है। इसके अंदर उन्होंने सफल लोगों के कुछ नियम बताए हैं। कोई भी उन नियम को फॉलो करके सफल हो सकता है। कई लोगों ने उन नियम को फॉलो किया और करोड़पति बने, सफल बने।

नेपोलियन हिल ने इस किताब को लिखने के लिए 20 साल से ज्यादा स्टडी करी थी। उस समय के 500 से ज्यादा लोगों को जो टॉप पर थे जो सफल थे उनको स्टडी किया था। इतनी रिसर्च इतनी स्टडी इतना समय उन्होंने दिया तो आप खुद सोचो, इस किताब का प्रभाव क्या होगा।



4. आपके अवचेतन मन की शक्ति (The Power of Your Subconscious Mind)

आपके अवचेतन मन की शक्ति। हमारा जो दिमाग़ है वो दो भागों में विभाजित होता है।

चेतन मन(Conscious Mind) जो हम कर रहे हैं, जो हम अनुभव कर रहें है जैसे आप ये लेख पढ़ रहे हो आदि। दिनभर के काम है वो हमारा चेतन मन करता है।

लेकिन जो दूसरा भाग है वो बहुत जरूरी है, और बहुत महत्त्वपूर्ण है। जिसकी वजह से हमारी आदतें, हमारा व्यवहार, हमारी सोच, हम क्या करेंगे, कैसे करेंगे वो सब अवचेतन मन(Subconscious Mind) निर्णय करता है। 

इस किताब को लिखा है जोसफ मर्फी ने, इस किताब के अंदर उन्होंने साइंटिफिक प्रिंसिपल्स बताएं है। कैसे आप अपने अवचेतन मन(Subconscious Mind) का कैसे ज्यादा उपयोग कर सकते हैं और फायदा ले सकते हैं।



5. भगवत गीता

भगवत गीता को मैं सिर्फ एक किताब ही नहीं बोलूंगा बल्कि अपने आप में एक यूनिवर्सिटी है। ज़िन्दगी की कठिन से कठिन समस्या का हल आपको इसके अंदर मिल जाएगा। महाभारत में जब अर्जुन को समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करें? कैसे करें? अपनों के खिलाफ ही लड़ना था।

तब श्रीकृष्ण ने जो ज्ञान उस समय पर दिया था वो आपको इसके अंदर मिलेगा। भगवत गीता में ज़िन्दगी के 5 सत्य के बारे में बताते हैं - भगवान के बारे, हमारे बारे में, इस दुनिया के बारे में, हमारे काम के बारे में, और समय के बारे में।

जो भी इंसान खुद को जानना चाहता है अपनी समस्या के पीछे के कारण को समझना चाहता है। तथा उनके हल को समझना चाहता है। तो आप भगवद् गीता को जरूर पढें।



ऊपर बताई गयी किताबों की आप ऑडियोबुक AMAZON AUDIBLE पर जाकर भी सुन सकते हो, जहा पर आपको एक महीने का FREE TRIAL मिलेगा और उसके बाद ये आपसे CHARGE करेंगे।



क्या आपका रीडिंग में मन नहीं लगता है? क्या रीडिंग में आप रुचि नहीं ले पा रहे हो?

तो अब हम बात करते हैं उस टिप की जो हमने इस लेख के शुरुआत में बताई थी। अगर रीडिंग में इंट्रस्ट नहीं आता है, तो क्या करना चाहिए?

कई बार हम रीडिंग करने की सोचते किताब लेते हैं या किताब खरीदते हैं और किताब पढ़ना शुरू करते हैं लेकिन इंट्रस्ट बनता नहीं किताब पुरी नहीं कर पाते है और अगले दिन मन करता नहीं है। एक दो बार जबदस्ती कर लिया। अब होता क्या है। बहुत से लोगों के साथ ऐसा होता है।

आपने एक किताब चुना ओर आपने उसे पढ़ना शुरू किया। आपका तो इंट्रस्ट बना नहीं। इसलिए आपका मन दोबारा नहीं करता है। इस चक्कर में आप रीडिंग करते नहीं और रीडिंग से ही इंटरेस्ट गायब हो जाता है। समस्या उस किताब में हो सकती है लेकिन वह आपके अपने आत्मविश्वास को खत्म कर देती।

अगली बार जब आप कुछ किताबों को चुनो की ये किताब मुझे पढ़नी है और जब वो किताब ले लो तो उस किताब को  पढ़ना शुरु करने से पहले उसके जो भी विषय और पाठ/अध्याय है उनको देखो। उस भाग या टॉपिक को टिक करो जो लगता है कि आपके बहुत काम है, ओर जो आपको चाहिए, तथा जो आपके लिए बहुत इंट्रस्टिंग हो सकते हैं पर पहले उनको पढ़ो। उनको समझने की कोशिश करो।

जरूरी नहीं है आपको हर किताब पूरी पढ़नी है आप कम समय में ज्यादा फायदा ले सकते हो, अगर सिर्फ उन टॉपिक या भाग को पढ़ो जो रिलेवेंट है जो आपको लगता है कि जिनके अंदर आपके लिए हल है जो आपकी नॉलेज बढ़ा सकती हैं। फिर भी जब आपने तय कर लिया आपने वो टॉपिक पढ़ लिऐ।

उसके बाद आप बाकी टॉपिक या भाग को भी पढ़ सकते है। रीडिंग कि आदत तोड़ने कि जगह, रीडिंग ना करने की जगह कोई और किताब ले लो और वो पढ़े जिसमें आपका इंटरेस्ट आ जाए तभी आपकी रीडिंग की आदत विकसित होगी। आदत मत बदलो किताब बदल लो।

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