जिम कैरी का प्रेरणादायक भाषण | Jim carrey motivational speech in hindi for Students

Jim carrey motivational speech in hindi for Students

अब आप पढ़ाई पूरी कर चुके हो और अब डर आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा खिलाड़ी बनने वाला है। इस डर का खेल कितना होगा यह आप पर निर्भर करेगा। आप अपनी पूरी जिंदगी भूतों की कल्पना में निकाल सकते हो या भविष्य की चिंता करते हए बिता सकते हो। लेकिन आपका भविष्य तो उन फैसलों से ही बनेगा जो आप लेते रहेंगे, फिर वो डर से लिए गए फैसले हों या प्रेम से।

कई बार आप जो चाहेंगे वो आपकी पहुंच से बाहर दिखेगा या उसकी उम्मीद करना भी पागलपन महसूस होगा। मेरे पिता एक महान कॉमेडियन थे, लेकिन उन्होंने कभी इस पर विश्वास नहीं किया कि यह वाकई सच है।

उन्होंने रूढ़ीवादी सोच अपनाई और अकाउंटेंट की सुरक्षित नौकरी की। यह बात अलग है कि जब मैं 12 साल का था तब उनकी यह 'सुरक्षा' भी उनसे छिन गई और हमारे परिवार को गुज़ारा करने के लिए हर वो काम करना पड़ा जो हम कर सकते थे।

आप में से ही कई लोगों की तरह ही मैं भी दुनिया का सामना करने से घबराता था और खुद के लिए कुछ बड़ा करने में डरता था।

यह डर तब तक रहा जब तक मुझे किसी ने यह अहसास नहीं करवाया कि मुझसे बड़ा कुछ नहीं है। मेरे शरीर की भी मेरी आत्मा की तरह सीमाएं अनंत हैं। जब यह परिवर्तन होता है, तो दुनिया आपको महसूस होना बंद हो जाती है। इसके बाद दुनिया आपको महसूस करती है ओर आपको अपनाती है।

हम कभी भी इतनी ऊंचाइयों तक कैसे पहुंच सकते हैं? बिना किसी मदद के इतना ऊंचा कैसे उड़ सकते हैं? ऐसी आवाजें हमारे लिए महत्त्वपूर्ण होती हैं। हमेशा कोई होता है जो आपसे बेहतर कर रहा होता है। आप जो भी हासिल कर लें लेकिन आपका ईगो आपको चैन से नहीं बैठने देगा।

यह तब तक आपको आराम नहीं करने देगा जब तक आप इस दुनिया में कोई अमिट निशान नहीं छोड़ देते। ईगो भी अपनी चाल चलता रहता है और हमें उसी का लालच देता है, जो हमारे पास पहले से ही होता है।

इसलिए मैं आपसे कहूंगा कि शांत हो जाइए। शांत होकर अपनी जिंदगी का सपना देखिए।

जब मे दूसरी कक्षा में पढ़ता था तब एक टीचर ने हमारी क्लास को बताया कि उन्हें जब भी कोई चीज चाहिए होती है तो वो प्रार्थना करती हैं और बदले में कुछ लौटाने का वादा भी करती हैं।

मैं क्लास में पीछे बैठा सोच रहा था कि काश, मेरे परिवार के पास एक बाइक होती! मैं घर गया और मैंने यही प्रार्थना की, साथ ही अपने आप से वादा भी किया कि हर रात में भगवान का नाम जपना शुरू कर दूंगा। लेकिन यह वादा मैं कभी पूरा नहीं कर पाया।

दो हफ्ते बाद जब मैं घर लौटा तो एक नई बाइक आ चुकी थी। परिवार ने मुझे बताया कि यह बाइक मैंने ही लॉटरी में जीती है। मेरे ही किसी दोस्त ने मुझे बताए बिना मेरा नाम उस लॉटरी में शामिल कर दिया था। ऐसी कई बातें मेरे साथ उम्र भर हुई हैं। मैं इतना ही कह सकता हूं कि जो भी चाहते हो उसे दुनिया को बताओ और उसके लिए अपनी कोशिशें करते रहो।

आपका काम यह जानना नहीं है कि यह कैसे होगा, बल्कि यह है कि आपके दिमाग के दरवाजे खुले रहें। उन दरवाजों को पार कीजिए।

अगर कोई मौका छूट जाए तो चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि दूसरा मौका फिर आएगा। जब मैं कहता हूं 'जिंदगी आपको मिली नहीं है, आपके लिए बुनी गई है तो मैं भी नहीं जानता कि यह कितना सच है। मैं तो सिर्फ आपको आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए सचेत कर रहा हूं।

आखिरकार यकीन पर दांव क्यों ना खेला जाए? मजहब पर नहीं, यकीन पर दांव खेलिए। उम्मीद पर नहीं, यकीन पर दांव खेलिए। मैं उम्मीद पर यकीन नहीं करता। उम्मीद तो मांगने वाले रखते हैं। उम्मीद आग से गुजारती है, यकीन उसे एक छलांग से पार कर जाता है।

अगर आप अपने दिमाग के दरवाजे खोलते हैं तो केवल दो विकल्प आपके सामने होंगे - प्यार और डर। प्यार को चुनिए, डर को अपने दिल के करीब मत आने दीजिए।'

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