आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय | How to Increase Self Confidence Tips in Hindi

आत्मविश्वास जीवन और व्यापार दोनों के लिए जरुरी है। यदि आप सफल होना चाहते हो? अपने लक्ष्य को पाना चाहते हो? तो आपको अपने ऊपर आत्मविश्वास बढ़ाना होगा। आत्मविश्वास दुसरो को भी उनकी मदद करने को प्रेरित करता है।

आपको अपने आत्मविश्वास की क्षमता को मज़बूत करने की आवश्यकता है। आजकल कई सफल लोग है, जो अपनी किसी भी परिस्थिति में अपने आत्मविश्वास को नहीं खोते है।

आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय | How to Increase Self Confidence Tips in Hindi

आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताना चाहते है, की आप अपना आत्मविश्वास कैसे बढ़ा सकते है? कैसे आप अपने आत्मविश्वास को बनाये रख सकते है?

कई ऐसे सफल लोग है जो अपने आत्मविश्वास को बनाये रखते है। जिनके बारे में उन्होंने बताया है, जो आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने या मज़बूत करने में मदद कर सकते है। 

आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय (Increase Confidence Tips in Hindi)


1. अहंकार ना करे और सिखते रहे

हमेशा नयी चीज सिखते रहने से व्यक्ति का आत्मविश्वास मज़बूत रहता है। शेक्सपियर ने कहा था की "एक मुर्ख खुद को बुद्धिमान समझता है, लेकिन एक बुद्धिमान व्यक्ति खुद को मुर्ख समझता है।" हमेशा आपको नई चीजों के बारे में सिखने के लिए खुला रहना चाहिए। जिससे आप खुद को बेहतर बना सकों। 

आप प्रत्येक नयी स्थिति को सीखने के अनुभव से आपका अनुभव और बढ़ता है। जिससे आप अपनी विशेषज्ञता  को बढ़ा सकते हो। 



2. सकारात्मक सोच 

आप अपने जीवन में सकारात्मक सोच रखे। यदि जब आपकी सोच में कोई नकारात्मक विचार आता है तो आप इसके विपरीत सकारात्मक सोच रखे। 

सकारात्मक सोच से आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। और आत्मविश्वास बढ़ने से आप जिस काम को पुरा करना चाहते हो, उसे सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हो।



3. सकारात्मक Body Langauge 

आपकी सकारात्मक Body Langauge सामने वाले व्यक्ति या अन्य लोगो पर एक विशेष प्रभाव छोड़ती है। जब आप अपना कोई काम शुरू करते हो, या लोगों से मिलने से पहले सकारात्मक Body Langauge रखे। जिससे आप आने वाली हर परिस्थिति का सामना करने के लिए अधिक खुले और सक्षम हो सके। 



4. अपनी हर जीत का जश्न मनाये

जब आप या हम किसी असफलता का अनुभव करते है, तो हमारे दिमाग से कोर्टिसोल(Cortisol) का स्त्राव होता है। जो हमारे शारीरिक स्वास्थ को प्रभावित करता है। और हमारे आत्मविश्वास को कमजोर करता है। 

लेकिन इसके विपरीत जब हम जीतते है, तो हमारा दिमाग एंडोर्फिन डोपामाइन(Endorphins Dopamine) और सेरोटोनिन(Serotonin) का स्राव होता है। जिससे हमारे शारीरिक स्वास्थ में लाभ होता है। और हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है। 

आप अपने दैनिक जीवन में अपनी जीत को लिख कर रखे। चाहे वो जीत कितनी भी बड़ी या छोटी हो। उन जीत पर ध्यान केंद्रित करके आप अपने आत्मविश्वास को बढ़ा सकते हो या मजबूत कर सकते हो। 



5. दूसरे लोगों पर ध्यान केंद्रित करे 

असुरक्षा की भावना खुद पर और अपनी खामियों पर ध्यान केंद्रित करने से आती है। दूसरे लोगों पर ध्यान केंद्रित करे और उन लोगों की बातों में दिलचस्पी ले और उनकी ईमानदारी से सराहना करे। 

हम अपने जीवन में दूसरे लोगों के अनुभव से भी बहुत कुछ सिख सकते है। जिससे हमारा स्वयं का आत्मविश्वास मजबुत होता है। 



6.  अपने आप को Unique बनाये

इस दुनिया में हर व्यक्ति के काम करने का तरीका अलग होता है। और सोचने की शक्ति भी अलग होती है। आप अपने अंदर के गुणों के पहचान करे। आपके पास ऐसा क्या है जो दूसरे के पास नहीं है। 

आप अपने आप को Unique बनाकर आपका आत्मविश्वास बढ़ा सकते हो और मजबूत कर सकते हो। 



7.  आप अपनी सफलता या Progress का अवलोकन करे

अगर आप अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे सुधर करते हो, तो आपका आत्मविश्वास और बढ़ता है। अपनी छोटी जीत को खोना आसान है। लेकिन अपनी बड़ी जीत को खोना बहुत कठिन है। अपनी हर छोटी से छोटी सफलता को लिखे और उनका अवलोकन करे। 

उस कार्य को करने के तरीको में बदलाव करके आप उसमे और सुधर करके आप उसे पहले से ज्यादा बेहतर बना सकते है। 



8.  हमेशा विनम्र बने रहे

विनम्रता आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने या निर्माण करने का एक अनिवार्य हिस्सा है। बहुत घमंड करने वाले लोग यह सोचते है की वे असुरक्षित है। तथा अपनी सुरक्षा को छिपा रहे है। जब आपके पास कई उपलब्धिया होगी तो लोग आपके लिए बोलेंगे। 

कभी भी अपने  मत समझिये। जब आप विनम्र होते है तो आप लोगों को अपनी सफलता पर ध्यान केंद्रित करने देते है, ना की खुद पर। यह आपके आत्मविश्वास को मजबूत करेगा और लोगों में आपकी छवि बनाएगा।



9.  अपने विश्वास का स्थांतरण करना

सच्चा आत्मविश्वास आपकी प्रेरणाओं, विचारों, या दैनिक जीवन के ज्ञान को बदलना ही सही परिणाम नहीं है। यदि आप वास्तविक, स्थायी आत्मविश्वास चाहते है, तो आपको अपने विश्वास पर गहरा काम करना होगा। और वह विश्वास अपने आसपास की दुनिया के बारे में जो मानते है उसे बदलना होगा ताकि वह सशक्त हो। 

नकारात्मक विचार जहां से आते है, उसे सकारात्मक रूप में स्थान्तरित करना होगा। 


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