भीम राव अम्बेडकर के प्रेरणादायक विचार || Dr. Bhimrao Ambedkar slogan in hindi

Dr. Bheemrav Ambedkar का जन्म 14 फरवरी 1891 को हुआ था। Dr. Bheemrav Ambedkar, Baba Saheb Ambedkar के नाम से लोकप्रिय थे। Dr. Bheemrav Ambedkar अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, और समाजसुधारक थे।

Dr. Bheemrav Ambedkar ने दलित और अछूतो के लिए सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध आन्दोलन के लिए प्रेरित किया था। महिलाओ, किसानों, और श्रमिकों के अधिकारों का समर्थन किया।

Dr. Bheemrav Ambedkar भारत आजाद होने के बाद, Dr. Bheemrav Ambedkar भारत के पहले न्याय मंत्री थे। और हमारे आधुनिक सविधान के निर्माता थे। जिस सविधान को बनने के लिए 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन लगे।

भीम राव अम्बेडकर के प्रेरणादायक विचार || Dr. Bhimrao Ambedkar slogan in hindi

Dr. Bheemrav Ambedkar एक प्रतिभाशाली छात्र थे। Dr. Bheemrav Ambedkar ने Columbia University और London School of Economics दोनों ही विश्वविद्यालय से P.hd की थी।

Dr. Bheemrav Ambedkar अपने शुरू के वाव्सायिक जीवनकाल में ये अर्थशास्त्र के Professor थे। उसके बाद Dr. Bheemrav Ambedkar का अधिक समय वकालत और राजनीतिक गतिविधियों में बिता।

तब Dr. Bheemrav Ambedkar भारत की आजादी के लिए कई आन्दोलन और चर्चाओ में शामिल हो गये थे, और कई पत्रिकाओ को प्रकाशित करने, राजनीतिक अधिकारों की वकालत करने, और दलित, अछुतो के लिए सामाजिक स्वंत्रता की वकालत भी की थी।

हमारे भारत के सविधान के निर्माण में Dr. Bheemrav Ambedkar का महत्वपूर्ण योगदान था।
1990 में Dr. Bheemrav Ambedkar को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था जो उनके मरने के बाद उनको दिया गया था। 14 अप्रैल को Dr. Bheemrav Ambedkar के जन्म दिन को आम्बेडकर जयंती(Aambedkar Jaynti) के रूप में मनाया जाता है।

Dr. Bheemrav Ambedkar Slogan in Hindi



भीम राव अम्बेडकर के प्रेरणादायक विचार || Dr. Bhimrao Ambedkar slogan in hindi

"एक कड़वी चीज को मीठा नहीं बनाया जा सकता।,
किसी भी चीज का स्वाद बदला जा सकता है।,
लेकिन जहर को अमृत में नहीं बदला जा सकता है।"



भीम राव अम्बेडकर के प्रेरणादायक विचार || Dr. Bhimrao Ambedkar slogan in hindi
"जीवन लम्बा नही बल्कि,
बड़ा और महान होना चाहिए।"



भीम राव अम्बेडकर के प्रेरणादायक विचार || Dr. Bhimrao Ambedkar slogan in hindi

"संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज नही है,
बल्कि यह जीवन का एक माध्यम है।"



भीम राव अम्बेडकर के प्रेरणादायक विचार || Dr. Bhimrao Ambedkar slogan in hindi
"मनुष्य नश्वर है और विचार भी,
एक विचार को प्रसार की आवश्यकता होती है।"
जितना एक पोधे को पानी की आवश्यकता होती है,
नही तो दोनों मुरझाएंगे और मरेंगे।।"



भीम राव अम्बेडकर के प्रेरणादायक विचार || Dr. Bhimrao Ambedkar slogan in hindi

"एक महान व्यक्ति एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से अलग होता है,
क्योकि वह समाज की सेवा करने के लिए तैयार रहता है।"



"बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का,
अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।"



"मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ,
जो स्वतंत्रता, समानता, और भाई-चारा सीखाये।"



"यह ज़रूरी है कि हम,
अपना दृष्टिकोण और ह्रदय जितना सभव हो अच्छा करें।
इसी से हमारे और अन्य लोगों के जीवन में,
अल्पकाल और दीर्घकाल दोनों में ही खुशियाँ आयंगी।।"



"एक महान व्यक्ति एक प्रख्यात व्यक्ति से,
एक ही बिंदु पर भिन्न हैं कि,
महान व्यक्ति समाज का सेवक बनने के लिए तत्पर रहता हैं।"



"इतिहास बताता है कि जहाँ नैतिकता और अर्थशाश्त्र के बीच संघर्ष होता है,
वहां जीत हमेशा अर्थशाश्त्र की होती है।
निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है,
जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल ना लगाया गया हो।।"



"उदासीनता लोगों को प्रभावित करने वाली,
सबसे खराब किस्म की बीमारी है।"



"यदि मुझे लगा कि संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है,
तो मैं इसे सबसे पहले जलाऊंगा।"



"मैं एक समुदाय की प्रगति का माप,
महिलाओं द्वारा हासिल प्रगति की डिग्री द्वारा करता हूँ।"



"हिंदू धर्म में, विवेक, कारण, और स्वतंत्र सोच के,
विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।।"



"जो व्यक्ति अपनी मौत को हमेशा याद रखता है,
वह सदा अच्छे कार्य में लगा रहता है।"



"जिस तरह हर एक व्यक्ति यह सिद्धांत दोहराता हैं,
कि एक देश दुसरे देश पर शासन नहीं कर सकता।
उसी प्रकार उसे यह भी मानना होगा कि,
एक वर्ग दुसरे पर शासन नहीं कर सकता।।"



"एक सुरक्षित सेना एक सुरक्षित सीमा से बेहतर है।"



"यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं,
तो सभी धर्मों के धर्मग्रंथों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए।"



"राजनीतिक अत्याचार सामाजिक अत्याचार की तुलना में कुछ भी नहीं है,
और एक सुधारक जो समाज को खारिज कर देता है,
वो सरकार को खारिज कर देने वाले राजनीतिज्ञ से ज्यादा साहसी हैं।"



"मेरे नाम की जय-जयकार करने से अच्‍छा है,
मेरे बताए हुए रास्‍ते पर चलें।"



"रात रातभर मैं इसलिये जागता हूँ,
क्‍योंकि मेरा समाज सो रहा है।"



"न्याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है।"



"जाति कोई ईंटों की दीवार या कोई काँटों का तार नहीं है,
जो हिंदुओं को आपस में मिलने से रोक सके।
जाति एक धारणा है, जो मन की एक अवस्था है।।"



"राष्ट्रवाद तभी औचित्य ग्रहण कर सकता है,
जब लोगों के बीच जाति, नस्ल या रंग का अन्तर भुलाकर,
उसमें सामाजिक भ्रातृत्व को सर्वोच्च स्थान दिया जाये।"



"जब तक आप सामाजिक स्ववतंत्रता नहीं हासिल कर लेते,
कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वो आपके लिये बेमानी हैं।"



"जो धर्म जन्म से एक को 'श्रेष्ठ' और दूसरे को 'नीच' बनाए रखे,
वह धर्म नहीं, गुलाम बनाए रखने का षड़यंत्र है।"


1 Comments

Post a Comment

Previous Post Next Post