अपनी जिंदगी से कैसे सीखे | Best Motivational Story in Hindi

How to Learn From Life | Motivational Story in Hindi

एक बार एक लड़का अपनी जिंदगी से परेशान होकर एक गुरूजी के पास जाता हैं। और गुरूजी से कहता है की में बहुत परेशान हु, मुझे पैसों की जरुरत है। में चाहता हु की मेरे माता-पिता बहुत खुश रहे और पूरी दुनिया घूमे सकें। और में जितनी भी बाते बोल रहा हु वो पैसों के बिना पूरी नहीं हो सकती हैं। इसके लिए मेरे पास बहुत सारे पैसे होने चाहिए।

गुरूजी ने उस लड़के को कहा मेरे साथ चलो और उसे गुरूजी एक ऐसी जगह ले गए जहा बहुत सारे कंकड़ पड़े हुए थे। फिर गुरूजी ने उस लड़के से कहा इतनी सारी कंकड़ में से एक ऐसी कंकड़ है, जो हर धातु को सोने में बदल सकती हैं। वो कंकड़ जिस पर रखोगे वो सोने का बन जायेगा।

उस कंकड़ की पहचान होगी उसके तापमान से, ये सब कंकड़ छू कर महसुस करोगे तो ठंडे लगेंगे, लेकिन सोना बनाने वाला कंकड़ गर्म महसुस होगा। फिर तुम अपनी जिंदगी में चाहो उतने पैसे कमा सकते हो, अगर तुम्हे वो कंकड़ मिल गयी।

वो लड़का बहुत ज्यादा खुश हुआ, उसने सोचा ये तो बस कुछ ही महीनो की बात है। मुझे रोज के कुछ ही घंटे इसमें देने है। परन्तु वो लड़का जानता था की ये कार्य गुरूजी ने कुछ सोच-समझ कर ही दिया होगा। अगर इतना ही आसान था तो बात ही कुछ और होती।

लड़का उस कार्य को करने में लग जाता है। उसने वो सारी कंकड़ जो एक तरफ पड़ी थी। उसे हाथ में लेकर महसुस करता, जो कंकड़ ठंडी महसुस होती उसे समुंद्र में फेंक देता था। क्योकि अगर वो समुंद्र में ना फेंकता तो उसे वो कंकड़ उसी ढेर में फिर मिल जायेगी।

महीनों तक उसे ये करना था तो कही वो कुछ कंकड़ उसमे फिर ना मिल जाये इसलिए उसे जो कंकड़ ठंडी महसुस हो रही थी, वो उसे समुंद्र में फेकते जा रहा था।

वह ये काम करने के लिए दिन के 5 से 6 घंटे देता था। अब वो सब कंकड़ को महसूस करने लगा और उसे जो कंकड़ ठंडी महसुस होती उसे वो समुन्द्र में फेकते जा रहा था। कई महीने निकल गए, लेकिन उसे अब तक वो कंकड़ नहीं मिला था।

अब उस लड़के की स्पीड बढ़ चुकी थी। उसका विशवास था की वो कंकड़ मिलेगी जरूर, लेकिन वो लड़का धीरे-धीरे कंकड़ को ध्यान से परखना कम करता जा रहा था। तो अब वो लड़का कंकड़ को इतना बारीकी से नहीं परख रहा था, जितना वो शुरू में कंकड़ को परख रहा था।

उसके दिमाग की ऐसी हालत हो गयी थी की अब उसको उस चीज की आदत हो गयी थी। फटाफट से कंकड़ को लेकर उसे समुंद्र में फेंकने की। इतनी मेहनत के बाद पांचवे महीने के बाद कुछ ही दिन में उस लड़के को वो कंकड़ मिल गयी और जैसे ही वो कंकड़ हाथ में आई वो कंकड़ उसे गरम तो महसुस हुई, लेकिन क्योकि उसकी जल्दी से हर कंकड़ को समुंद्र में फेंकने की आदत हो गई, उसने उसे भी फेंक दी।

और फेंकने के 1 से 2 सेकण्ड बाद उसने अपनी हाथ की अनुगुलियाँ चबा ली उसे इतना पछतावा हुआ। अब वो उस समुंद्र से वो कंकड़ वापस नहीं निकाल सकता था। जिस कंकड़ को उसने फेंका था। क्योंकि अब उसकी वो आदत बन चुकी थी की हर कंकड़ को देख के फेंकने की लेकिन फेकने के बाद ही उसे अहसास होता हैं की मुझे पता होते हुए भी मैने वो छोड़ दिया।


इस प्रेरणादायक कहानी से शिक्षा (Moral of this story)

सीख:- हम इस कहानी से हम क्या सिख सकते है? ऐसा क्या था इस कहानी में जिससे हमारी पुरी जिंदगी बदल सकती है? ऐसा क्या सिख सकते है, जिससे हमारी सोच में बदलाव आ सकता है और बदलाव आएगा तो हमारी जिंदगी भी बदल सकती है?

जिस वक्त आपने हर दिन को हल्के में लेना शुरू कर दिया, धीरे-धीरे हल्के में लेना आपकी आदत बन जाएगी। और जब कोई बड़ा अवसर वाला दिन हुआ उसे भी उस आदत के अनुसार आप उसे भी हल्के में ले लोगे, फिर बाद में पछतावा होगा।

जब पता लगेगा की वो सामान्य दिन(normal day) की तरह नहीं था। उस दिन मेरे पास बहुत बड़ा मौका था, जिसे मैने गवां दिया क्योकि रोज में हर दिन को हल्का मानता था। तो जब दिन हल्का नहीं था, उसको भी मैने हल्का मान दिया।

आपकी जिंदगी में वो गरम कंकड़ आपके लिए वो एक अवसर है, एक मौका(opportunity) है। और ये सब कंकड़ दिन है, एक नया दिन है। हर एक कंकड़ एक नया दिन है, वो गरम कंकड़ कब आपके हाथ में आएगा।

ये आप कभी नहीं जानते, लेकिन आपको बहुत ध्यान से हर कंकड़ को परखना है, यानी हर दिन कुछ ना कुछ  सीखना है। हर दुःख से सीखना, हर परिस्थिति से सीखना है, हर इंसान से और हर चीज से सीखना है। अचानक कब आपके हाथ में वो गरम कंकड़ आ जाये, जो आपकी पूरी जिंदगी बदल दे।

जो आपकी पूरी जिंदगी सोने की बना दे। ये आपके हाथ में कब आ जाये ये आप नहीं जानते, आज नहीं तो कल लेकिन जब वो कंकड़ आपके हाथ में आ गया ना वो आपकी जिंदगी की हर चीज़ को सोने में बदल देगा।

जिंदगी के हर पल को इस तरह से देखो, इस तरह से जिओ, इस तरह से उसमे मेहनत करो की जैसे की वो कंकड़ है जो हर चीज को सोने में बदल सकता है।

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